उत्तर प्रदेश

डॉ. राम बख्श सिंह की 101वीं जयंती: सीतापुर में महान बायोगैस वैज्ञानिक को किया गया नमन, भारत रत्न देने की मांग उठी

विश्वविख्यात वैज्ञानिक डॉ. राम बख्श सिंह की 101वीं जयंती पर डॉ. राम बख्श सिंह कन्या इंटर कॉलेज में गरिमामय समारोह आयोजित; NCERT और राष्ट्रीय अभिलेखागार में मिल चुकी है जगह, स्मारक डाक टिकट को भी मिली मंजूरी।

डिजिटल डेस्क, सीतापुर (करण वाणी,न्यूज)। विश्वविख्यात बायोगैस वैज्ञानिक और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के अग्रणी ध्वजवाहक डॉ. राम बख्श सिंह की 101वीं जयंती के अवसर पर 13 अगस्त 2026 को सीतापुर स्थित डॉ. राम बख्श सिंह कन्या इंटर कॉलेज परिसर में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में शिक्षकों, विद्यार्थियों, गणमान्य नागरिकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में सहभागिता करते हुए महान वैज्ञानिक को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

दीप प्रज्ज्वलन और जीवन दर्शन पर चर्चा

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारम्भ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं डॉ. राम बख्श सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर उनके पुत्र राजेन्द्र सिंह ने डॉ. राम बख्श सिंह के जीवन, व्यक्तित्व एवं उनके अभूतपूर्व वैज्ञानिक योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि डॉ. सिंह के शोध ने स्वच्छ ऊर्जा, जैविक कृषि, ग्रामीण आत्मनिर्भरता तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान की है। आज जब पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन और सतत विकास (Sustainable Development) जैसी गंभीर चुनौतियों पर मंथन कर रहा है, तब डॉ. राम बख्श सिंह का कार्य और उनकी दूरदृष्टि और भी अधिक प्रासंगिक प्रतीत होती है।

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान

समारोह में वक्ताओं ने विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. राम बख्श सिंह के योगदान को आज राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर मान्यता मिल रही है:

• राष्ट्रीय अभिलेखागार: भारत सरकार के राष्ट्रीय अभिलेखागार द्वारा उनके महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं वैज्ञानिक अभिलेखों को सुरक्षित एवं संरक्षित किया जा चुका है।

• NCERT एवं UP बोर्ड: शैक्षिक क्षेत्र में एनसीईआरटी ने अपनी कक्षा 9 की विज्ञान पुस्तक में उनके योगदान को प्रमुखता से स्थान दिया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) के पाठ्यक्रम में भी उनके जीवन एवं वैज्ञानिक योगदान को सम्मिलित किए जाने के प्रयास तेजी से जारी हैं।

• मीडिया कवरेज: दूरदर्शन के विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों सहित अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों में भी उनके क्रांतिकारी कार्यों का उल्लेख किया जा चुका है।

स्मारक डाक टिकट और ‘भारत रत्न’ की मांग

समारोह में डॉ. सिंह को मिलने वाले राष्ट्रीय सम्मानों के विषय में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई:

• स्मारक डाक टिकट: डॉ. राम बख्श सिंह के सम्मान में स्मारक डाक टिकट जारी किए जाने के प्रस्ताव को फिलाटेलिक कमेटी द्वारा अनुमोदित किया जा चुका है। उनके पुत्र राजेन्द्र सिंह इस विषय में माननीय प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तथा संबंधित विभागों के साथ निरंतर संपर्क और संवाद बनाए हुए हैं। उपस्थित सभी लोगों ने आशा व्यक्त की कि यह राष्ट्रीय सम्मान शीघ्र ही देशवासियों को प्राप्त होगा।

• भारत रत्न देने की मांग: कार्यक्रम में डॉ. राम बख्श सिंह के असाधारण वैज्ञानिक योगदान के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से अलंकृत किए जाने की लंबे समय से चली आ रही माँग को पुनः प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने समय-समय पर भारत सरकार से उनके योगदान को उचित राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करने का अनुरोध किया है और इस दिशा में माननीय सांसदों का भी लगातार सकारात्मक सहयोग एवं समर्थन मिल रहा है।

छात्र-छात्राओं का सामूहिक संकल्प

समारोह के अंत में विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति सदैव समर्पित रहने का सामूहिक संकल्प लिया। विद्यालय परिवार ने यह विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. राम बख्श सिंह का जीवन और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक बने रहेंगे।

 

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