लखनऊ बनेगा मेडिकल टूरिज्म हब: सरोजनी नगर में ‘आरोग्य पर्व’ पर ‘नेट जीरो हॉस्पिटल’ अभियान का शंखनाद
• ऐतिहासिक शुरुआत: डॉक्टर्स डे पर सरोजनी नगर में "आरोग्य पर्व" का आयोजन, यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह रहे मौजूद।

लखनऊ, (करण वाणी न्यूज़)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को देश का अग्रणी ‘मेडिकल टूरिज्म हब’ बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं को पर्यावरण के अनुकूल ढालने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। डॉक्टर्स डे के पावन अवसर पर सरोजनी नगर में “आरोग्य पर्व – डॉक्टर्स डे संवाद एवं सम्मान समारोह” का भव्य आयोजन हुआ।
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना तथा सरोजनी नगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में “नेट जीरो हॉस्पिटल, सरोजनी नगर” अभियान की शुरुआत की गई। इस अनूठे आयोजन में लखनऊ और देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों (KGMU, SGPGI, RMLIMS, मेदांता, अपोलोमेडिक्स आदि) के 250 से अधिक शीर्ष डॉक्टरों, विभागाध्यक्षों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
‘नेट जीरो हॉस्पिटल’ से हरित स्वास्थ्य सेवाओं का नया युग
कार्यक्रम के दौरान विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ‘नेट जीरो हॉस्पिटल’ अभियान की परिकल्पना को सामने रखा। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल अस्पतालों को हरा-भरा बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चिकित्सा क्षेत्र को भविष्य के लिए तैयार करने का अभियान है।
• अभियान के मुख्य बिंदु: अस्पतालों में सौर ऊर्जा का उपयोग, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting), कार्बन उत्सर्जन में कमी और बायोमेडिकल कचरे का शत-प्रतिशत वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित करना।
• विस्तार योजना: भविष्य में इस पर्यावरण-अनुकूल मॉडल को विद्यालयों, ग्राम पंचायतों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों तक भी ले जाया जाएगा।
डॉ. सिंह ने डॉक्टरों को ‘धरती पर भगवान का रूप’ बताते हुए कहा कि सरोजनी नगर में स्वस्थ जीवनशैली के लिए पहले से ही 200 से अधिक ओपन जिम और स्पोर्ट्स लीग जैसी सुविधाएं चलाई जा रही हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना के तहत 1,500 से अधिक मरीजों को ₹25 करोड़ की आर्थिक मदद दिलाई गई है।

यूपी के बजट का 6% स्वास्थ्य क्षेत्र को समर्पित: सुरेश कुमार खन्ना
मुख्य अतिथि और वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में आए क्रांतिकारी बदलावों के आंकड़े साझा किए:
• मेडिकल कॉलेजों की भरमार: यूपी में आज 83 मेडिकल कॉलेज (45 सरकारी, 36 निजी और 2 ESIC) सफलतापूर्वक संचालित हैं।
• बड़ा बजटीय प्रावधान: चिकित्सा शिक्षा के लिए लगभग ₹15,000 करोड़ और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹36,000 करोड़ से अधिक का बजट दिया गया है। राज्य सरकार अपने कुल बजट का लगभग 6 प्रतिशत स्वास्थ्य पर खर्च कर रही है।
वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि लखनऊ में मौजूद आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, मेट्रो और इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चलते इसे अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplant), ट्रॉमा केयर और क्रिटिकल केयर जैसी सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
देश के शीर्ष डॉक्टरों ने दिया ‘फ्यूचर हेल्थकेयर’ का मंत्र
समारोह के विशेषज्ञ सत्र में चिकित्सा जगत की नामचीन हस्तियों ने स्वास्थ्य सुधारों का रोडमैप प्रस्तुत किया:
• प्रो. डॉ. विश्वजीत सिंह (KGMU): नेफ्रोलॉजी सेवाओं और अंग प्रत्यारोपण में बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
• प्रो. डॉ. प्रेम राज सिंह (ट्रॉमा सेंटर): आपातकालीन सेवाओं, आईसीयू क्षमता और समयबद्ध रेफरल सिस्टम को मजबूत करने की बात कही।
• प्रो. डॉ. संजीव मिश्रा: कैंसर की शुरुआती जांच और तंबाकू नियंत्रण को बेहद जरूरी बताया।
• प्रो. डॉ. प्रमिला वर्मा: ओरल हेल्थ (दंत स्वास्थ्य) और मुख कैंसर की रोकथाम के लिए जागरूकता बढ़ाने की मांग की।
• डॉ. दीपक अग्रवाल व डॉ. रजत माथुर: अनावश्यक एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल पर चिंता जताई और अस्पतालों के बीच टीम-आधारित समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
यूपी सरकार को सौंपा जाएगा ‘नीति श्वेत पत्र’
संगोष्ठी के अंत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस ‘आरोग्य पर्व’ में डॉक्टरों द्वारा दिए गए सभी महत्वपूर्ण सुझावों, चुनौतियों और नीतिगत सिफारिशों को संकलित करके एक व्यापक श्वेत पत्र (White Paper) तैयार किया जाएगा।
इस श्वेत पत्र को उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों, चिकित्सा शिक्षा में सुधार, पर्यावरण-अनुकूल अस्पताल प्रबंधन और जनस्वास्थ्य योजनाओं के निर्माण में सरकार को एक ठोस और व्यावहारिक मार्गदर्शन मिल सके।



