डिजिटल शिक्षा, खेल और रोजगार से युवाओं के लिए नए अवसरों का केंद्र बना सरोजनीनगर
सरोजनीनगर बना युवाओं के सशक्तिकरण का मॉडल: शिक्षा, खेल, तकनीक और रोजगार से बदल रहा भविष्य: डॉ. राजेश्वर सिंह

करण वाणी,न्यूज।
सरोजनीनगर, लखनऊ | सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र आज युवाओं के सर्वांगीण विकास का एक नया मॉडल बनकर उभर रहा है। शिक्षा, खेल, डिजिटल प्रशिक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), फिटनेस, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में हो रहे लगातार कार्यों ने हजारों युवाओं को नई दिशा और नए अवसर दिए हैं। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि अब समय केवल भाषणों और झूठे वादों का नहीं, बल्कि धरातल पर काम और परिणाम देने का है।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपना समय सोशल मीडिया की नकारात्मकता, भ्रामक सूचनाओं और झूठे प्रचार में व्यर्थ करने के बजाय शिक्षा, कौशल विकास, खेल, नवाचार, उद्यमिता और व्यक्तित्व विकास में लगाएं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, डिजिटल तकनीक, स्टार्टअप और नई तकनीकों का है, इसलिए युवाओं को लगातार अपने कौशल को बेहतर बनाना होगा।
“कुशल और अनुशासित युवा ही भारत का भविष्य”
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि जब देश का युवा कुशल, अनुशासित, नवाचारी और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित होगा, तभी भारत दुनिया का नेतृत्व कर सकेगा। इसी सोच के साथ सरोजनीनगर में युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
पिछले तीन वर्षों में सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग से 10 हजार से अधिक युवा जुड़े हैं, जबकि क्षेत्र में स्थापित 15 आरबीएस डिजिटल सशक्तिकरण केंद्रों के माध्यम से 1500 से अधिक बच्चों को निःशुल्क डिजिटल प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा लगभग 2000 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप, टैबलेट और साइकिल देकर प्रोत्साहित किया गया है।
एआई और आधुनिक शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम
सरोजनीनगर में शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लगभग 60 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। वहीं “एआई एवं भविष्य शिक्षा पहल” के अंतर्गत 7 विद्यालयों को आईआईटी की टीम द्वारा अपनाकर वहां रोबोटिक्स लैब और आधुनिक कक्षाएं विकसित की जा रही हैं।
डॉ. सिंह ने कहा कि यह केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करने का प्रयास है।
फिटनेस, स्टार्टअप और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान
क्षेत्र में चलाए जा रहे फिट यूथ मिशन, 300 से अधिक युवा क्लब, रोजगार परामर्श और स्टार्टअप जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को फिटनेस, नवाचार और स्वरोजगार से जोड़ रहे हैं। वहीं नेट जीरो सरोजनीनगर अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य स्वच्छ हवा, स्वच्छ पानी और जिम्मेदार विकास पर निर्भर करेगा, इसलिए विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी बेहद जरूरी है।
शिक्षा और आधुनिक संस्थानों का तेजी से विस्तार
सरोजनीनगर में बेटियों की उच्च शिक्षा और तकनीकी विकास के लिए कई बड़े संस्थानों पर कार्य किया जा रहा है। इनमें —
• लतीफ नगर गर्ल्स डिग्री कॉलेज
• नीवा आईटीआई
• दरोगाखेड़ा फॉरेंसिक साइंस संस्थान
• विदेशी भाषा विश्वविद्यालय परिसर
• भातखंडे विश्वविद्यालय परिसर
• कृषि अध्ययन परिसर
जैसे महत्वपूर्ण संस्थान शामिल हैं।
इसके अलावा गांव-गांव युवा क्लब, सरकारी विद्यालयों में झूले और खेल सुविधाएं, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से बच्चों और युवाओं को आधुनिक, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।
“हर बच्चे को अवसर, हर युवा को दिशा”
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर में विकास केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क, स्वास्थ्य, खेल, शिक्षा, पेयजल, जल निकासी, हरित विकास और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में व्यापक कार्य धरातल पर दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उपलब्ध योजनाओं का लाभ उठाएं, मेहनत करें और अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करें। साथ ही किसी भी प्रकार के झूठे वादों और भ्रामक प्रचार के बहकावे में न आएं।
उन्होंने कहा कि सरोजनीनगर का संकल्प स्पष्ट है —
“हर बच्चे को अवसर, हर युवा को दिशा और हर परिवार को बेहतर भविष्य।”



