परंपरा की विरासत, आधुनिकता का विज़न: जनसेवा का नया चेहरा बनीं संयोगिता सिंह चौहान
नवरात्रि विशेष: नारी शक्ति का अभ्युदय, अटारी का गौरव

पंकज सिंह चौहान/करण वाणी
लखनऊ (माल)। नवरात्रि का पावन पर्व स्त्री शक्ति के सामर्थ्य, संकल्प और सिद्धि का प्रतीक है। आज के इस दौर में जब हम ‘नारी शक्ति वंदन’ की बात करते हैं, तो जनपद लखनऊ के माल क्षेत्र की ग्राम पंचायत अटारी इसका एक जीवंत उदाहरण पेश करती है। यहाँ की ग्राम प्रधान और प्रधान संघ (माल) की अध्यक्ष संयोगिता सिंह चौहान ने अपनी विद्वता, शालीनता और सेवा भाव से ग्रामीण राजनीति में नेतृत्व की एक नई इबारत लिखी है।
विरासत का सम्मान और उच्च शिक्षा का आधार
संयोगिता सिंह चौहान अटारी के प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक परिवार की बहू हैं। वे कुंवर बलबीर सिंह चौहान (राजा साहब, अटारी) की गौरवशाली विरासत और उच्च संस्कारों को आगे बढ़ा रही हैं। MBA जैसी उच्च शैक्षणिक डिग्री हासिल करने के बाद, जहाँ युवा अक्सर महानगरों और कॉरपोरेट जगत की चकाचौंध चुनते हैं, वहीं संयोगिता जी ने अपनी माटी और जनसेवा के कठिन मार्ग को चुना। उनकी यह विशिष्ट शैक्षिक पृष्ठभूमि उनके प्रशासनिक कार्यों और विकास की दूरदर्शी सोच में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।
पारिवारिक संबल: रूढ़ियों को तोड़ती स्वतंत्रता की मिसाल
संयोगिता सिंह चौहान की इस सफलता का एक सबसे सुंदर और अनुकरणीय पहलू उनका ससुराल और परिवार है। आज के समय में भी ग्रामीण अंचलों में अक्सर महिलाओं की सार्वजनिक भूमिका को लेकर कई सामाजिक और पारिवारिक सीमाएँ देखी जाती हैं, लेकिन अटारी के ‘राजा साहब’ परिवार ने एक नई मिसाल पेश की है। परिवार ने उन्हें न केवल भरपूर सहयोग दिया, बल्कि अपनी प्रतिभा और विज़न को साकार करने की पूरी ‘फ्रीडम’ (स्वतंत्रता) भी दी। यह समाज के लिए एक बड़ा संदेश है कि यदि ससुराल का संबल और खुलापन मिले, तो एक बहू अपने परिवार के गौरव के साथ-साथ पूरे क्षेत्र का मान बढ़ा सकती है।
अटारी मॉडल: विकास और सुशासन की नई राह
एक जननेता के रूप में उन्होंने यह सिद्ध किया है कि सशक्त नेतृत्व केवल पद से नहीं, बल्कि समर्पण और संवेदनशीलता से बनता है। उनके कुशल प्रबंधन में अटारी ग्राम पंचायत विकास, स्वच्छता, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। उनका ‘डायरेक्ट कनेक्ट’ और समस्याओं के त्वरित समाधान की कार्यशैली उन्हें हर वर्ग के बीच लोकप्रिय बनाती है।
महिला सशक्तिकरण और संगठन के प्रति निष्ठा
संयोगिता सिंह चौहान के लिए महिला सशक्तिकरण केवल एक शब्द नहीं, बल्कि जीवन का मिशन है। वे ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और राजनीति में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सदैव अग्रणी रहती हैं। साथ ही, भारतीय जनता पार्टी के विभिन्न अभियानों, विशेषकर ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) जैसे सांगठनिक कार्यों में उनकी सक्रियता उनके जिम्मेदार नेतृत्व का प्रमाण है।



