जरूरतमंदों की पहली पुकार: ‘अजीत प्रताप… वानर सेना वाला!
हंसमुख चेहरा, मजबूत टीम अजीत प्रताप की वानर सेना बनी बेसहारों का सहारा

पंकज सिंह चौहान
लखनऊ (करण वाणी,न्यूज़)। समाजसेवा की दुनिया में इन दिनों “वानर सेना” नाम तेजी से चर्चा में है। नाम भले ही अलग अंदाज़ का हो, लेकिन काम पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ किया जा रहा है।
अजीत प्रताप सिंह के नेतृत्व में संचालित यह संगठन जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण बनता जा रहा है। वानर सेना से डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, शिक्षक, बड़े व्यवसायी और विभिन्न क्षेत्रों के संभ्रांत लोग जुड़े हुए हैं। सभी का उद्देश्य एक ही है — जरूरतमंद तक समय पर मदद पहुंचाना।
यदि किसी व्यक्ति को इलाज के लिए आर्थिक सहायता की जरूरत हो, किसी छात्र की स्कूल या कॉलेज फीस जमा न हो पा रही हो, किसी परिवार के सामने अचानक संकट खड़ा हो जाए, या किसी को रोजगार अथवा कानूनी सलाह की आवश्यकता हो सूचना मिलते ही वानर सेना की टीम सक्रिय हो जाती है। संगठन के सदस्य आपसी सहयोग से धनराशि एकत्र कर या व्यक्तिगत प्रयासों से मदद उपलब्ध कराने का कार्य करते हैं।
स्थानीय स्तर पर कई ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जहां समय पर मिली सहायता ने परिवारों को बड़ी राहत दी है। यही कारण है कि संगठन का विस्तार तेजी से हो रहा है और समाज के बड़े व्यवसायी भी इसमें जुड़कर सहयोग दे रहे हैं।

अजीत प्रताप सिंह का कहना है, हमारी कोशिश है कि कोई भी व्यक्ति सिर्फ पैसों या संसाधनों की कमी के कारण परेशान न रहे। अगर किसी को मदद की जरूरत है, तो वानर सेना उसके साथ खड़ी मिलेगी। समाज ने हमें बहुत कुछ दिया है, अब लौटाने का समय है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम राजनीति या प्रचार से दूर रहकर सेवा को प्राथमिकता देते हैं। हमारा मानना है कि असली पहचान पद से नहीं, बल्कि मदद के काम से बनती है।”



