बंथरा थाने के पूर्व इंस्पेक्टर और चार दरोगाओं पर मुकदमा
निर्दोष लोगों को झूठे चोरी के केस में फँसाने का आरोप

लखनऊ। बंथरा थाने में तैनात रहे एक इंस्पेक्टर और चार दरोगाओं के खिलाफ पीजीआई थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मनमाफिक वसूली न मिलने पर चार निर्दोष लोगों को चोरी के आरोप में जेल भेज दिया था। शासन के निर्देश पर एंटी करप्शन विभाग की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई।
एंटी करप्शन विभाग के इंस्पेक्टर नुरुलहुदा ख़ान द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, वर्ष 2020 में बंथरा थाने में तैनाती के दौरान तत्कालीन इंस्पेक्टर प्रहलाद सिंह, दरोगा संतोष कुमार, दिनेश कुमार सिंह, राजेश कुमार और दरोगा आलोक कुमार श्रीवास्तव पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और अपने पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए गए हैं।
एफआईआर में बताया गया है कि 30 दिसंबर 2020 को बंथरा पुलिस ने विशाल आयरन स्टोर में छापेमारी की थी। 42 हजार रुपये की सरिया चोरी का आरोप लगाकर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें विकास गुप्ता, दर्शन सिंह, लालता सिंह, कौशलेंद्र सिंह उर्फ प्रिंस, सतीश सिंह और कल्लू गुप्ता शामिल थे। जांच में सामने आया कि इनमें से लालता सिंह, कौशलेंद्र सिंह उर्फ प्रिंस, सतीश सिंह और कल्लू गुप्ता पूरी तरह निर्दोष थे, इसके बावजूद पुलिस ने इन्हें फर्जी आरोप लगाकर जेल भेज दिया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित पुलिसकर्मियों ने फर्जी दस्तावेज और साक्ष्य तैयार करते हुए बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी से सत्यापन कराए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। शासन द्वारा जांच रिपोर्ट को स्वीकार किए जाने के बाद पांचों पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
वर्तमान में आरोपित पुलिसकर्मी—प्रहलाद सिंह, संतोष कुमार, राजेश कुमार और दिनेश कुमार सिंह बहराइच जिले में तैनात हैं, जबकि आलोक कुमार श्रीवास्तव रिज़र्व पुलिस लाइन, लखनऊ में तैनात हैं। मामले की आगे की जांच पुलिस विभाग द्वारा की जा रही है।


