डॉ. राजेश्वर सिंह की विकास पहल: गौशालाओं के लिए ₹12 लाख, शिक्षा पर विशेष फोकस
मेधावियों को मिला सम्मान: विधायक राजेश्वर ने बाँटे लैपटॉप और साइकिल, स्मार्ट क्लास का भी ऐलान

लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने रविवार को शिवपुरा, बंथरा में आयोजित प्रबुद्धजन संवाद कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए कहा कि प्रबुद्धजनों का चिंतन और संवाद ही समाज, नीति और शासन की दिशा निर्धारित करता है।
उन्होंने कहा कि “जिस ओर समाज के प्रबुद्ध वर्ग का विचार अग्रसर होता है, उसी दिशा में नीति, शासन और सरकारें आगे बढ़ती हैं। इसलिए प्रबुद्धजनों के साथ संवाद मेरे लिए सदैव प्राथमिकता रहा है।”
डॉ. सिंह ने कहा कि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और उत्तर प्रदेश 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के बजट एवं 11.5 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर के साथ देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह उपलब्धि योजनाबद्ध विकास, दूरदर्शी नीतियों, जन-सहभागिता और प्रबुद्ध समाज के सकारात्मक विचारों का परिणाम है।
उन्होंने सरोजनीनगर में हो रहे औद्योगिक एवं आधारभूत विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए अशोक लीलैंड की प्रदेश की सबसे बड़ी फैक्ट्री, नौसेना का शौर्य संग्रहालय, लतीफनगर गर्ल्स डिग्री कॉलेज, लखनऊ विश्वविद्यालय का एग्रीकल्चर कैंपस तथा फॉरेन लैंग्वेज यूनिवर्सिटी कैंपस को क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला बताया।

मेधावी सम्मान एवं शिक्षा पर फोकस :
प्रबुद्धजन संवाद के दौरान विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा हाईस्कूल तथा इंटर मीडिएट परीक्षा में 90% से अह्दिक अंक पाने वाले 7 मेधावी छात्र – छात्राओं को लैपटॉप तथा 10 छात्र – छात्राओं को साइकिल प्रदान कर सम्मानित किया इसके साथ ही गजोधर प्रसाद जूनियर हाई स्कूल, पहाड़पुर में स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना का आश्वासन भी दिया गया।
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि मेधावी बच्चे सरोजनीनगर का भविष्य हैं। उनकी सफलता पूरे समाज और क्षेत्र को प्रेरित करती है।” उन्होंने बताया कि अब तक सरोजनीनगर में 500 कंप्यूटर देकर 40 विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेस तथा 36 संस्थानों में स्मार्ट क्लासरूम्स स्थापित किए जा चुके हैं। डॉ. सिंह ने कहा, शिक्षा विकास की सबसे मजबूत आधारशिला है और सरोजनीनगर को एक शैक्षिक विधानसभा क्षेत्र के रूप में विकसित करना उनका स्पष्ट लक्ष्य है।उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में नौकरियों का स्वरूप तेजी से बदलेगा, इसलिए बच्चों का डिजिटल रूप से सक्षम होना अत्यंत आवश्यक है और इसी दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
गौसेवा एवं सांस्कृतिक दायित्व:
कार्यक्रम के गौशाला पहुंचकर गायों को चारा खिलाया, डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति, करुणा और संतुलन का प्रतीक है। उन्होंने जानकारी दी कि सरोजनीनगर क्षेत्र की गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु विधायक निधि से अब तक ₹12 लाख की राशि उपलब्ध कराकर आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं, ताकि गौसेवा निरंतर और प्रभावी रूप से संपन्न हो सके।



