बंथरा में रिकवरी एजेंट की निर्मम हत्या, चेहरे पर गंभीर चोट के निशान
सुबह-सुबह खून से लथपथ मिली लाश, रिकवरी एजेंट कुनाल की बेरहमी से हत्या… पुलिस की लापरवाही पर परिजनों का फूटा गुस्सा।
लखनऊ। बंथरा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा दादूपुर में सोमवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब 26 वर्षीय कुनाल शुक्ला का शव खून से लथपथ अवस्था में उनके ही ऑफिस में मिला। कुनाल, जो मूल रूप से फैजाबाद जिले के धनुवापुर गांव के निवासी थे, पिछले पाँच वर्षों से दादूपुर में रहकर स्वास्तिक एसोसिएट में मैनेजर व रिकवरी एजेंट के पद पर कार्यरत थे।
सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच जब महिला सफाई कर्मचारी अपनी 13 वर्षीय बेटी के साथ ऑफिस पहुंचीं तो उन्होंने भयावह दृश्य देखा। खून से सना कुनाल का शव कमरे में पड़ा था और उनका चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त था। घटना की सूचना मिलते ही महिला सीधे मृतक के घर पहुंचीं, जो ऑफिस से मात्र 500 मीटर की दूरी पर है, और परिवार को जानकारी दी।
मृतक के बड़े भाई सौरभ शुक्ला ने सीधे तौर पर कुनाल के दोस्तों और अन्य साथियों पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि कुनाल के इन दोस्तों से पिछले दिनों किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
सूचना मिलते ही एडीसीपी वसंत कुमार और एसीपी विकास कुमार पांडे मौके पर पहुंचे, लेकिन परिजनों के मुताबिक एसीपी कुछ ही मिनटों में घटनास्थल से चले गए। इससे आक्रोशित परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि परिजनों को मृतक का शव देखने तक नहीं दिया गया और आनन-फानन में पुलिस ने शव को एक पिकअप गाड़ी में डाल दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गाड़ी का ढक्कन तक ठीक से बंद नहीं था, जिससे प्रशासन की लापरवाही साफ झलकती है।
परिजनों का आक्रोश
मृतक के परिवार ने पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि –
👉 “क्या पुलिस आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है?”
👉 “इतनी बड़ी घटना के बाद भी जांच में गंभीरता क्यों नहीं?”
👉 “शव को सम्मानजनक ढंग से क्यों नहीं ले जाया गया?”
इस घटना ने न केवल इलाके में दहशत फैलाई है बल्कि पुलिस की कार्यशैली पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस इस सनसनीखेज हत्या को सुलझाने और आरोपियों को पकड़ने के लिए कितनी तत्परता दिखाती है।



