उत्तर प्रदेश

राज्यपाल ने शहीद सैनिकों की पत्नियों, माताओं व वीर नारियों को किया सम्मानित

सेना के वार मेमोरियल सूर्या सभागार, मध्य कमान कैंट, लखनऊ में 29 वीर नारियों को मिला सम्मान

लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने वार मेमोरियल सूर्या सभागार, मध्य कमान कैंट, लखनऊ में देश के वीरगतिप्राप्त सैनिकों की पत्नियोंवीर नारियों को सम्मानित करने हेतु आयोजितवीर नारी अभिनंदन समारोह कार्यक्रमकी अध्यक्षता की।शहीदों की स्मृति में राज्यपाल जी ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में राज्यपाल जी ने 29 वीर शहीदों की पत्नियों, माताओंवीर नारियों को अंग वस्त्र एवं सम्मान राशि के रूप में प्रत्येक को रुपये 11 हजार के चेक प्रदान किए। इस अवसर पर राज्यपालजी द्वारा महिलाओं में कैंसर से बचाव हेतु कमांड अस्पताल लखनऊ के मैमोग्राफी केंद्र का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम मेंराज्यपाल जी ने वीर नारियों से हालचाल जाना उनसे संवाद स्थापित किया उनके स्वस्थ, सफल दीर्घ जीवन के लिए शुभकामनाएंदीं।

        इस अवसर पर राज्यपाल जी ने सभागार में सम्बोधित करते हुए कहा कि माँ भारती के महान सपूत शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि हीवीर नारी शक्ति का वास्तविक सम्मान है। इसी क्रम में उन्होंने देश के प्रधानमंत्री के आह्वान पर देशभर में वृहद स्तर परमेरी माटीमेरादेशअभियान के अंतर्गत आयोजित अमृत कलश यात्रा, हर घर तिरंगा अभियान के साथ हमारे स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों, वीर सपूतोंके स्मरण की विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी मेंमेरी माटीमेरा देशअभियान केअन्तर्गत 9 अगस्त से 15 अगस्त, 2023 तक शहीद वीरवीरांगनाओं को सम्मान देने के लिये पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक कठिन परिस्थितियों में देश की सेवा करते हुए वीर गति को प्राप्त कर जाते हैं, उनका बलिदान हम सभी केलिए प्रेरणादायक है।

       अपने संबोधन में राज्यपाल जी ने सन् 1962, 1965, 1971 के युद्ध, ऑपरेशन कारगिल, गलवान घाटी की घटनाओं का जिक्रकरते हुए कहा कि सभी चुनौतियों का हमारे सैनिकों ने केवल डटकर सामना किया, बल्कि विजय की परम्परा को भी जारी रखा।हमारा राष्ट्र उनका सदैव ऋणी और कृतज्ञ रहेगा।

        उन्होंने शहीद वीर सैनिक तथा उनके परिवार को देश की धरोहर बताते हुए कहा कि इनकी देखभाल की जिम्मेदारी देश के प्रत्येकनागरिक का कर्तव्य है। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि वीरगति प्राप्त सैनिकों की पत्नियों द्वारा अपने बच्चों का पालनपोषण, शिक्षा तथावृद्ध सासससुर की देखभाल करने की जिम्मेदारी को साहस और उत्तरदायित्व के साथ निभाया जाता है। उन्होंने इन वीर नारियों कीसमस्याओं के समाधान के लिए सशस्त्र सेना, केन्द्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रावधानों की चर्चा भी की। राज्यपाल जीने बताया कि समयसमय पर जिला स्तर पर हमारे जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी इन वीर और साहसी महिलाओं कीसमस्याओं को सुनते हैं और उसे सुलझाने का प्रयास भी करते हैं। राज्यपाल जी ने इन नारियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा किवतन पर मरमिटने वालों के परिजनों के लिए आगे बढ़ना आसान नहीं होता। शहीद परिवार का पूरा बोझ वीर नारी ही अपने कंधे परउठाती है। इसके बाद भी वह अपने बेटे को देश सेवा में भेजने के लिये तत्पर रहती है।

        समारोह में राज्यपाल जी ने महिला स्वास्थय पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि महिलाओं में सर्वाधिक कैंसर के केसेज मेंसर्वाइकल कैंसर का नाम आता है, जिससे बचाव हेतु 9 से 14 वर्ष बालिकाओं का एच0पी0वी0 टीकाकरण अवश्य कराना चाहिए।उन्होंने जानकारी दी कि इसके लिए राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में फण्ड भी स्थापित किया गया है, जिसकेमाध्यम से बालिकाओं में एच0पी0वी0 टीका का डोज दिया जाता है। ज्ञातव्य है कि अब तक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की200 छात्राओं का टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस कार्य हेतु राजभवन से रुपये 10 लाख की सहायता राशि प्रदानकी गई है एवं विभिन्न संस्थानों को भी इस कार्य हेतु प्रेरित किया गया है।

          इस अवसर पर सेन्ट्रल कमांड के जनरल आफिसर कमांडिंग इन चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल एन0एस0 राजा सुब्रमनी ने राज्यपालकी उपस्थिति को प्रेरणादायी बताया नारी सशक्तिकरण को भारतीय सेना की संस्कृति बताया।

          समारोह में सेवारत एवं सेवानिवृत्त वीर सैनिक, शहीद वीर सैनिकों की पत्नियां, माताएंवीर नारियाँ और उनके परिजन अन्यगणमान्य उपस्थित थे।

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