उत्तर प्रदेश

राम आए तो अयोध्यावासियों ने सजाए घर-आंगन, सरयू तीरे जलाए गए आस्था और आत्मीयता के दीप

मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की अवधपुरी दिखी अलौकिक

सरयू तट, राम की पैड़ी समेत मठ–मंदिरों में प्रज्ज्वलित की गई ‘राम ज्योति‘

अलौकिक दीपोत्सव के साक्षी बने रामनगरी आये श्रद्धालु–पर्यटक

पंकज सिंह चौहान 

अयोध्या। अद्भुत, अलौकिक, अविस्मरणीय…कल्पनातीत सौंदर्य। अनगिनत दीपों से जगमगाती रामनगरी को जिसने भी देखा, अपलकनिहारता ही रह गया। प्रभु श्रीराम की नगरी के वासी हों, श्रद्धालु हों या भारत के सुदूर कोने–कोने से आए श्रद्धालु, सभी ‘दीप/राम ज्योति‘ प्रज्ज्वलित कर श्रीराम की प्राण–प्रतिष्ठा के उपरांत अवधपुरी के कण–कण, रज–रज में अपने राम को निहार रहे थे, अपने घर में लल्लाकी गूंज से हर ओर राम–राम नाम गुंजायमान रहा, सब में राम, जय जय श्रीराम। सोमवार को श्री रामलला के अपने दिव्य–भव्य मंदिर मेंप्राण–प्रतिष्ठा के उपरांत दीपोत्सव मनाया गया। प्रभु के भक्त संकटमोचक हनुमानगढ़ी मंदिर के सामने भी भक्ति में लीन अवधपुरी में यह आयोजन अद्वितीय हो गया। सभी के मन में इस बार अलग ही उमंग, उत्साह व उल्लास रहा, क्योंकि 500 वर्षों का संघर्ष समाप्त होगया।

अयोध्या दीपोत्सव में सोमवार को आस्था, आह्लाद और आत्मीयता के दीप जले। सहज आह्लाद के साथ आत्मीयता के भावों को संजोए हुए आराध्य प्रभु के प्रति आस्था निवेदित करते हुए सरयू तीरे, राम की पैड़ी, मठ–मंदिरों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जल रहे अनगिनत दीपों के बीच निहाल श्रद्धालुओं का हर्ष, उमंग और अनुभूति हर कोई महसूस कर रहा था। सहज भाव से हो रहे ‘राम राम जय राजा राम‘ ‘जय सिया राम‘ ‘सियावर रामचन्द्र की जय‘ जयघोष के साथ सरयू की लहरों में उठती तरंगें देख ऐसा लगता था कि मानो सरयू मैया भी अपने राम की जयकार कर रही हों। श्रीराम के इस महा उत्सव पर पूरी अवधपुरी को सजाया गया था। अयोध्या के मंदिरों, छोटी गलियों से लेकर मुख्य मार्गों, सभी सरकारी, धार्मिक भवनों पर तो आकर्षक लाइटिंग की ही गई थी, नगर वासियों ने भी घरों में दीप जलाकर अपने राम को अपने बीच महसूस किया।

दीप जलाकर उतारी सरयू मां की आरती

प्रतिदिन की भांति सरयू मैया की आरती भी उतारी। इस दौरान आज अलग ही उमंग देखने को मिला। यहां अनेक साधु–संतों के साथ अनेक विशिष्ट जनों द्वारा घाटों पर आरती की गई।

राम नाम से गुंजायमान हो उठी अवधपुरी

2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब सत्ता संभाली तो दीपोत्सव के भव्य–दिव्य आयोजन की परिकल्पना तैयार की। प्रति वर्ष इसकी भव्यता बढ़ती चली गई। 2023 में योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला दीपोत्सव भी हर रिकॉर्ड तोड़कर अभूतपूर्व हुआ।इसमें 22.23 लाख दीप प्रज्ज्वलित हुए। हर तरफ बस श्री राम, मेरे राम से अवधपुरी गुंजायमान हो उठी। ठीक तीन माह के अंतराल पर2024 में अयोध्या वासियों ने श्रीराम की प्राण–प्रतिष्ठा पर पुनः दीपावली मनाई। डबल इंजन की सरकार की परिकल्पना के अनुरूपसोमवार को रामनगरी में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत‘ भी दिखा। डबल इंजन की सरकार के मार्गदर्शन में प्रज्ज्वलित राम ज्योति में हर भाषा, शैली, जाति के लोग आस्था का दीप प्रज्ज्वलित करने उमड़े।

कलियुग में अलौकिक दिखी अवधपुरी

त्रेतायुग की अयोध्या सोमवार को कलियुग में भी अलौकिक दिखी। सभी ने अपने आराध्य के प्रति श्रद्धा के दीप जलाए।  चौराहों पर रंगोली बनाकर समृद्धि की कामना की गई। बाहर से आए लोगों ने भी श्रद्धा का एक दीप जलाया।

राम की पैड़ी पर लेजर शो व इको फ्रेंडली आतिशबाजी

22 जनवरी को प्राण–प्रतिष्ठा के उपरांत सात बजे तक राम की पैड़ी पर प्रोजेक्शन शो का आयोजन किया गया है। इसके बाद यहां पर लेजर शो हुआ। इको फ्रेंडली आतिशबाजी का नजारा भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिसे देख हर किसी का मन पुलकित हो उठा।

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