NGT में सरोजनीनगर की जीत, विकास और संवेदना दोनों को मिली मान्यता
गरीब दलित परिवारों के पुनर्वास व पर्यावरण संरक्षण पर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का पक्ष, न्यायाधिकरण ने विकास प्रयासों पर जताया संतोष

- “चाँदे बाबा में अब विकास भी, और दिशा भी – गरीबों की छत सुरक्षित, और हरियाली मजबूत”
नई दिल्ली/लखनऊ। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT), दिल्ली में आज सरोजनीनगर क्षेत्र अंतर्गत चाँदे बाबा तालाब (गढ़ी चुनौती) से जुड़े मामले की सुनवाई संपन्न हुई। सुनवाई के दौरान सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह स्वयं उपस्थित रहे और क्षेत्र में निवासरत गरीब दलित परिवारों की ओर से मजबूती से पक्ष रखा।
डॉ. सिंह ने न्यायाधिकरण से आग्रह किया कि क्षेत्र में रहने वाले गरीब परिवारों का विस्थापन न किया जाए तथा तालाब का पुनर्जीवन, सौंदर्यीकरण व पर्यावरणीय सुधार संवेदनशीलता और जनसहभागिता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि “विकास का अर्थ किसी का आशियाना छीनना नहीं है। हमारा लक्ष्य है—प्रकृति और गरीब, दोनों की सुरक्षा।”
₹25 लाख की विधायक निधि स्वीकृत
तालाब क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, पुनर्विकास, जलसंरक्षण और वृक्षारोपण कार्यों के लिए विधायक निधि से ₹25 लाख स्वीकृत किए गए हैं। यह प्रस्ताव न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसे एनजीटी ने संज्ञान में लिया और सराहा।
CSR और जिला प्रशासन की भागीदारी
सुनवाई के दौरान जिला मजिस्ट्रेट लखनऊ द्वारा शपथपत्र दाखिल कर बताया गया कि Max Healthcare Group के CSR फंड्स से भी तालाब क्षेत्र में विकास कार्य कराए जाएंगे।
डीएम द्वारा प्रस्तुत ड्रोन फुटेज में विकास व हरियाली कार्यों की प्रगति देखकर न्यायाधिकरण ने संतोष व्यक्त किया।
वृक्षारोपण व पर्यावरणीय कार्यों पर रिपोर्ट
डीएफओ लखनऊ द्वारा तालाब क्षेत्र में किए जा रहे वृक्षारोपण एवं हरित विकास कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई।
गरीब परिवारों के विस्थापन पर रोक
महत्वपूर्ण रूप से न्यायाधिकरण ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र के गरीब दलित परिवारों को वर्तमान में विस्थापित नहीं किया जाएगा।एनजीटी ने कहा कि प्राथमिकता 36.9 हेक्टेयर तालाब क्षेत्र के पर्यावरणीय पुनर्जीवन व संरक्षित विकास को दी जाए।
इस निर्णय से यह सुनिश्चित हुआ है कि क्षेत्र में मानवीय संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण—दोनों के बीच संतुलित विकास मॉडल लागू होगा।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा:
“चाँदे बाबा तालाब सरोजनीनगर की आस्था, हरियाली और सामाजिक समरसता का प्रतीक बने—यह हमारी प्रतिबद्धता है। हम गरीबों की सुरक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी पूर्ण सम्मान देते हैं।”



