राजनीति

वक्फ संशोधन बिल: BJD ने मारी पलटी, पहले कहा विरोध करेंगे, अब सांसदों को दी मन से वोट की छूट

राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा चल रही है. वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों न कहा कि देश में गरीबी से लेकर और भी कई समस्याएं हैं जिनके खिलाफ जंग जरूरी है, यह विधेयक समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ाएगा. उन्होंने बिल को संविधान विरोधी बताते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की।

राज्यसभा में इस वक्त 234 सदस्य हैं. जम्मू-कश्मीर की चार सीटें खाली हैं. इसमें बहुमत के लिए 118 सांसद चाहिए. बीजेपी के पास उसके अपने 96 सांसद हैं और एनडीए के सहयोगियों के साथ कुल संख्या 113 तक पहुंचती है. इसमें जेडीयू के 4, टीडीपी के 2, और अन्य छोटे दलों के सांसद शामिल हैं. इसके अलावा छह मनोनीत सदस्य हैं, जो आमतौर पर सरकार के पक्ष में वोट करते हैं. इससे एनडीए की ताकत 119 हो जाती है जो बहुमत से दो ज्यादा है. अगर कुछ सांसद गैरहाजिर रहते हैं या विरोध में वोट करते हैं तो सरकार के लिए मुश्किल हो सकती है.

दूसरी ओर विपक्ष में कांग्रेस के पास 27 सांसद हैं, अन्य विपक्षी दलों के पास 58 सदस्य हैं. इस तरह राज्यसभा में कुल विपक्षी सांसदों की संख्या 85 तक पहुंचती है, यानी सारा दारोमदार बीजेडी और वाईएसआर के रुख पर टिका है. 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले इन दोनों दलों ने कई मौकों पर सरकार का साथ दिया था, लेकिन, इन दोनों के राज्यों आंध्र प्रदेश और ओडिशा में राजनीतिक स्थित बदल गई है. ये दोनों पार्टियां अपने-अपने राज्यों में भाजपा और एनडीए के सहयोगी दलों के हाथों सत्ता से बाहर हुई हैं।

बीती रात लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पास हो गया. इस विधेयक पर करीब 12 घंटे तक चर्चा चली. इस दौरान तमाम पक्ष और विपक्ष के तमाम वक्ताओं ने अपनी बात रही और कई अन्य संशोधन सुझाए गए. लंबी चर्चा के बाद देर रात इसे विधेयक को 232 के मुकाबले 288 मतों से पारित कर दिया गया. यानी इस विधेयक के पक्ष में 288 मत पड़े. विपक्ष में 232 मत पड़े।

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