एलडीएः फर्जीवाड़े पर लगाम कसने के लिए खाली भूखण्डों का होगा सर्वे
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अधिकारियों को 15 दिन में कार्यवाही पूरी करने के दिये निर्देश

एलडीए कार्यालय में संदिग्ध लोगों की इंट्री पर लगेगा बैन, किसी भी पटल पर जाने के लिए बनवाना होगा विजिटर पास
लखनऊ विकास प्राधिकरण अपनी सम्पत्तियों की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए खाली भूखण्डों का सर्वे कराएगा। इसमें जिन भूखण्डों की रजिस्ट्री नहीं हुयी है, उनमें मूल आवंटी को सूचना भेजकर रजिस्ट्री कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वहीं, जिन प्रकरणों में आवंटी को कब्जा नहीं दिया गया है, उनमें आवंटियों को अभियान चलाकर कब्जा प्राप्त करवाया जाएगा। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक करके इस बाबत आदेश जारी किये हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री में फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए एस0ओ0पी0 जारी की जाएगी।
यूपी एसटीएफ ने बीते गुरूवार को गोमती नगर में भूखण्ड की फर्जी रजिस्ट्री करने वाले गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एलडीए उपाध्यक्ष ने इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए व्यवस्था को नये सिरे से सुधारते हुए सम्पत्ति का ब्योरा सुरक्षित करने के निर्देश दिये। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिये कि प्राधिकरण कार्यालय में संदिग्ध व्यक्तियों की इंट्री पर पूरी तरह बैन लगाया जाए। इसके लिए प्रवेश गेट पर ही सभी आगंतुकों का ब्योरा रजिस्टर में अंकित किया जाएगा। इसमें आगंतुक को यह घोषित करना होगा कि उसे किस कार्य से किस पटल पर जाना है। तत्पाश्चात गेट पास जारी होने के बाद ही बाहरी व्यक्ति को इंट्री मिलेगी। यह गेट पास निश्चित समयअवधि एवं घोषित पटल के लिए ही मान्य होगा। इसके अलावा विभागीय कार्य के सम्बंध में समय-समय पर प्राधिकरण कार्यालय आने वाले पंजीकृत ठेकेदारों, अधिवक्ताओं एवं आर्किटेक्ट आदि के लिए सम्बंधित अनुभागाध्यक्ष द्वारा पास जारी किया जाएगा।
सचल दल करेगा निगरानी
इसके अलावा प्राधिकरण के समस्त अधिकारी व कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से पहचान पत्र धारण करना होगा। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिये कि व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराने के लिए सचल दल गठित किया जाएगा, जोकि समय-समय पर प्रवेश द्वार एवं पटलों का औचक निरीक्षण करके नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित कराएगा।
नये पोर्टल पर डाटा होगा सुरक्षित
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्राधिकरण के पुराने पोर्टल में तकनीकि खामियों के चलते डाटा की सुरक्षा सुदृढ़ नहीं थी। इसके लिए नया साॅफ्टवेयर विकसित करते हुए सारा डाटा उसमें माइग्रेट किया जा रहा है, जोकि पूरी तरह सुरक्षित होगा और इसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ की संभावना नहीं रहेगी। इसके अलावा नवीनतम टेक्नोलाॅजी पर संचालित ई0आर0पी0 में प्लानिंग, सम्पत्ति, अभियंत्रण, वित्त एवं लेखा, मानव संसाधन, अभिलेखागार, अनुरक्षण, विधि व जनसूचना आदि अनुभागों के माॅड्यूल विकसित किये जा रहे हैं। इसमें पेमेंट गेट-वे, डिजिटल सर्टीफिकेट, डाॅक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम, आधार बेस्ड वेरीफिकेशन जैसी अन्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।