अधिक ध्वनि के बजते उपकरण जनता के लिए बनें हैं मुसीबत
प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही एवं अवैध वसूली के चलते न्यायालय के आदेश का पालन नहीं कर रहे प्रतिष्ठान संचालक, बच्चों की शिक्षा पर पढ़ रहा बुरा असर, आम लोगों का छीना जा रहा सुकून।

अरविंद सिंह चौहान
सरोजनीनगर लखनऊ। न्यायलय ने भले ही तेज आवाज में बजने वाले डीजे साउंड सर्विस लाउडस्पीकर आदि पर रोक लगाते हुए समय और आवाज का मानक तय किया गया था, लेकिन इसका जरा सा भी पालन प्रशासनिक अधिकारी नहीं कर पा रहे हैं। इसका मुख्य करण क्षेत्र में संचालित बड़े-बड़े गेस्ट हाउस, मैरिज हाल, लानों, होटलों से मिल रही महीनवारी मोटी रकम आड़े आ रही है। न्यायालय द्वारा सभी जगहों पर शादी ब्याह से लेकर अन्य कार्यक्रमों में बजाने वाले डीजे लाउडस्पीकर साउंड सर्विस आदि की आवाज का मानक बजाने के लिए तय किया गया था कि इससे अधिक आवाज में इनको नहीं बजाया जासकता है।
अगर ऐसा किसी द्वारा किया जाता पाया तो उसके खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए सख्त कार्यवाही की जाएंगी।क्योंकि इनकी अधिक आवाज की वजह से गंभीर रोगियों मरीजों एवं बुजुर्गों को हार्टअटैक जैसी दिक्कतें होती हैं और कई लोग इसी वजह से मौत के मुंह में समा चुके हैं। बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ता है तेज आवाज के चलते बच्चे ठीक से शिक्षा भी ग्रहण नहीं कर पाते हैं,यहां तक आम जनता का सुख-चैन भी खराब हो जाता है एवं पर्याप्त नींद न पूरी होने के कारण मानसिक रूप से तनाव में आ जाते हैं। इन्हीं सभी समस्याओं को देखते हुए न्यायालय ने शासन और प्रशासन को जारी किए गए आदेश में रात्रि 10 बजे तक डीजे आदि बजाने का समय सुनिश्चित किया गया तथा धीमी आवाज में बजाने का आदेश दिया था। उसके बाद कोई भी डीजे साउंड सर्विस लाउड स्पीकर जैसे कोई अधिक ध्वनि के उपकरण नहीं बजाएं जा सकते हैं। लेकिन क्षेत्र में इसका रत्ती भर भी पालन कोई भी होटल मैरिज हाल लान गेस्ट हाउस आदि नहीं कर रहे हैं,जिसकी वजह से लोगों का सुकून छीन गया है।
सरोजनीनगर , बिजनौर,बंथरा थाना क्षेत्रों में संचालित इन जगह पर दिन से लेकर देर रात या फिर सुबह तक तेज ध्वनि में लाउडस्पीकर डीजे साउंड सर्विस बजाकर लोगो का सुकून जहां छीना जा रहा है, वही न्यायालय के आदेश को किस तरीके से प्रशासनिक अमले की लापरवाही तथा अवैध वसूली की वजह से पैरों तले रौंदा जा रहा है यह जग जाहिर है। क्षेत्र के तमाम लोगों ने बताया कि इन स्थानों पर दिन से लेकर देर रात तक तेज ध्वनि के उपकरण आये दिन बजाये जा रहा है, कभी-कभी तो पूरी रात यह बंद नहीं होते जिसकी वजह से हम लोगों की नींद भी पूरी नहीं हो पाती जिसके चलते बीमार हो जाते है। इन लोगों का कहना है कि इनकी शिकायत भी प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारी से की जाती है फिर भी कोई ध्यान नहीं देता है केवल कार्यवाही करने का आश्वासन देकर राहत दे दी जाती हैं, अगर इनके मालिकों पर शक्ति की जाए तो न्यायालय के आदेश का पूरा पालन हो जाएगा और आम जनता को कान फोडू तेज आवाज में बजने वाले उपकरणों से राहत मिलेगी, इस काम के लिए थानों की पुलिस ही काफी हैं, लेकिन इन स्थानों पर बड़े-बड़े अधिकारी राजनेता शिरकत करते हैं, जिनकी उपस्थिति में यह तेज ध्वनि के उपकरण बजाते रहते हैं और वह कुछ नहीं बोलते इसलिए थानों की खाकी भी चाह कर भी चुप बैठी है।
बताया जाता है कि एक दो बार थाने की पुलिस ने लोगों की शिकायत पर इनके मालिकों के ऊपर शिकंजा कसने का प्रयास किया गया, परंतु सफेदपोश धारी नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के दबाव के आगे इनको कदम पीछे करने पड़े, क्योंकि इन मालिकानों की पहुंच अधिकारियों और बड़े-बड़े सफेद पोश धारी नेताओं से है, इसलिए जैसे कोई कुछ हस्तक्षेप करने का प्रयास करता है तो मामलों को उनके दबाव में कार्यवाही ना करके टांय टांय फिक्स कर दिया जाता है। सूत्र बताते हैं कि इसके बदले में अधिकारियों और नेताओं को इनके संचालक महीने में वसूली के तौर पर रकम पहुंचाई जाती है जिसके चलते इनको स्थानीय आम जनता या फिर संबंधित थानों की पुलिस का भी डर नहीं है।