राजनीति

मुख्तार अंसारी को मिला उसके कर्मों का फल: डॉ राजेश्वर सिंह

बुरे काम का नतीजा बुरा ही होता है, मुख्तार की मौत पर बोले सरोजनीनगर विधायक डॉ राजेश्वर सिंह

मुख्तार पर दर्ज 61 मामले बताते हैं उसका अपराधिक इतिहास: डॉ राजेश्वर सिंह

लखनऊ। सरोजनीनगर के विधायक डॉ राजेश्वर सिंह ने माफिया सरगना मुख्तार अंसारी की बांदा जेल में हुई मौत पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया सरगना मुख्तार अंसारी की मौत को सरोजनीनगर के विधायक डॉ राजेश्वर सिंह ने कर्म का फल बताया। राजेश्वर सिंह ने कहा कि कर्म का एक प्राकृतिक नियम है कि जो प्रतिशोधी लोग दूसरों को चोट पहुंचाने के लिए सही रास्ते से हट जाते हैं, अंतत: वो बुरी गति को प्राप्त होते हैं।

राजेश्वर सिंह ने मुख्तार अंसारी के आपराधिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्तार अंसारी पर कुल 61 केस दर्ज थे। जिनमें हत्या के 18, हत्या के प्रयास के 10 केस दर्ज थे। 8 मामलों में उसे सजा मिल चुकी थी। पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के आरोप में 10 साल से जेल में था। लाइसेंस के लिए फर्जी डाक्यूमेंट मामले में उसे उम्रकैद की सजा मिली। कोयला व्यापारी नंद किशोर रूंगटा के अपहरण और मर्डर ने पूरे पूर्वी यूपी को हिलाकर रख दिया था। जेल में रहते हुए मुख्तार पर आपराधिक साजिश रचने और उगाही के लिए 8 मामले दर्ज किए गए थे। उसका दहशत इतना था कि पिछले डेढ़ साल से कोई जेलर बांदा जेल का चार्ज लेने के लिए तैयार नहीं था। वो जेल से ही अपना साम्राज्य चलाता था।

गलत कार्यों से बचने की सलाह देते हुए डॉ सिंह ने कहा कि मुख्तार पर दर्ज ये मामले बताते हैं कि वो कितना बड़ा गैंगस्टर था। उसने कई निर्दोषों की हत्या की, उन्हे शारीरिक रूप से अक्षम बनाया और आतंकित किया। लेकिन कर्म अपना समय तय करता है। इसलिए गलत कामों से हमेशा सावधान रहना चाहिए। कर्म क्षमाशील नहीं होता है और उसका फल सदैव मिलता है।

Spread the love

Related Articles

Back to top button