देश-विदेश

देश में नागरिकता संशोधन कानून लागू, गैर मुस्लिम पाक, बांग्ला और अफगान शरणार्थियों को मिलेगी नागरिकता

केंद्र सरकार ने सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट यानी CAA का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके साथ ही यह कानून देशभर में लागू हो गया है। CAA को हिंदी में नागरिकता संशोधन कानून कहा जाता है। इससे पाकिस्तान, बांग्लादेश अफगानिस्तान से आए गैरमुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

नागरिकता संशोधन कानून की 3 बड़ी बातें

1. किसे मिलेगी नागरिकता: 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से धार्मिक आधार पर प्रताड़ित होकर भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता दी जाएगी। इन तीन देशों के लोग ही नागरिकताके लिए आवेदन कर सकेंगे।

2. भारतीय नागरिकों पर क्या असर: भारतीयनागरिकों से CAA का कोई सरोकार नहीं है। संविधान के तहत भारतीयों को नागरिकताका अधिकार है। CAA या कोई कानून इसे नहीं छीन सकता।

3. आवेदन कैसे कर सकेंगे: आवेदनऑनलाइन करना होगा। आवेदक को बताना होगा कि वे भारत कब आए। पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेज होने पर भी आवेदन कर पाएंगे। इसके तहत भारत में रहने की अवधि 5 साल से अधिक रखी गई है। बाकी विदेशियों (मुस्लिम) के लिए यह अवधि 11 साल से अधिक है।

कयास थे कि पीएम मोदी CAA की अधिसूचना का ऐलान करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नोटिफिकेशन से पहले PM ने सोशल मीडिया X पर अग्नि-5 मिसाइल के सफल परीक्षण पर DRDO के वैज्ञानिकों को बधाई दी।

CAA को लेकर सरकार की तैयारी

CAA के ऑनलाइन पोर्टल को रजिस्ट्रेशन के लिए तैयार कर लिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसका ड्राई रन भी कर लिया है। सूत्रोंने कहा कि CAA इन पड़ोसी देशों के उन शरणार्थियों की मदद करेगा जिनके पास दस्तावेज नहीं हैं। मंत्रालय को लंबी अवधि के वीजा के लिए सबसे ज्यादा आवेदन पाकिस्तान से मिले हैं।

गृह मंत्री अमित शाह दो महीने में दो बार कह चुके थे कि CAA लोकसभा चुनाव से पहले लागू किया जाएगा। यह देश का कानून है। इसे कोई रोक नहीं सकता। संसद ने CAA पर 11 दिसंबर 2019 को मुहर लगाई थी। हालांकि, सरकार इस कानून को लागू करने के लिए नियमकायदे बनाने की समय सीमा 8 बार बढ़ा चुकी है।

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